Poetry


Seven Days Won’t Kill Us

This poem was first published at the author’s personal blog www.dimplehere.com. Dedicated to the sceptics who don’t lose an opportunity to mock us for our supposed ‘cowardice’ and seem to believe that we want ‘them’ to…

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सफ़र मंजिल का

सफ़र मंजिल तलक का — नहीं आसान होगा, बन मुश्किल खड़ा आंधी — कहीं तूफ़ान होगा ! कभी महसूस करोगे अगन है दिल में तुम्हारे, होगा ऐसा भी कभी — जलता मकान होगा ! नदी…

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स्वाधीनता – एक नये राष्ट्र निर्माण की

राम रहीम रणवीर रयान, हैं मेरी संतान मैने सबको पाला पोसा, फूँके सबमें प्राण   मेरे पंछी पौधे पर्वत, सब हैं इनके अपने सबको मैने दी आज़ादी, सहेजें सुंदर सपने   उमंगों को लगाने दो,…

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आज़ादी

खोल दी गयी आज़ादी के हाथों की हथकड़ी और पैरों की बेड़ियाँ, फिर खींच दी गयी चंद लकीरें करने को अठखेलियां आज़ादी ने सोचा ये कैसा बंधन-मुक्ति का एहसास है बाहर से हर शै बिंदास…

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हे माँ भारत

हे माँ भारत, हे माँ भारत, स्वर्ग है तू और तू हीं ज़न्नत ! जनम-दर-हम-जनम लेकर, हो जाएँ निस्सार तुझ पर, है ये हीं आख़िरी तमन्ना, और ये हीं अंतिम मन्नत, हे माँ भारत ———-!…

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आज जिस बात पे

आज जिस बात पे खफ़ा वो हमसे हो चलें हें, क्या खबर उनको इसी बात में हम दिन-रात जलें हें ! आज जिस……….. ज़िन्दगी मुझसे गले मिलके एक बात कह गयी; तू जला है तो…

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